जालंधर छावनी: स्थानीय समस्याओं और एलएमए (LMA – Local Military Authority) की बढ़ती सख्ती के कारण जालंधर कैंट का व्यापारी वर्ग और आम निवासी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। कड़े प्रतिबंधों और चेकिंग के चलते छावनी के बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही लगभग थम सी गई है, जिससे दुकानदारों की रोजी-रोटी पर गहरा संकट मंडराने लगा है। अपनी इस आर्थिक बदहाली और समस्याओं को लेकर निवासियों ने गुरुद्वारा श्री सिंह सभा में दूसरी बार बैठक का आयोजन किया।
इस महत्वपूर्ण बैठक में क्षेत्रीय विधायक सरदार परगट सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा विभिन्न धार्मिक, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि और सैकड़ों की संख्या में परेशान व्यापारी व स्थानीय लोग शामिल हुए।
बैठक में बनी रणनीति के प्रमुख बिंदु:
आजीविका पर संकट: व्यापारियों ने विधायक के समक्ष अपना दुखड़ा रोते हुए बताया कि एलएमए के कड़े नियमों के कारण ग्राहक बाजारों तक नहीं पहुँच पा रहे हैं। इससे उनकी दुकानदारी पूरी तरह ठप हो गई है और कमाई का जरिया खत्म होने की कगार पर है।
जबरन कटवाए जा रहे चालान: मिलिट्री पुलिस द्वारा ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर कटवाए जा रहे चालानों से छावनी में ग्राहकों की आवाजाही थम गई है, जिससे स्थानीय व्यापारियों का धंधा चौपट हो रहा है।
प्रशासनिक प्रोटोकॉल का पालन: निवासियों ने सर्वसम्मति से फैसला लिया कि अपनी जायज मांगों को सरकार और सेना के उच्च अधिकारियों तक पहुँचाने के लिए पूरे प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा।
सोमवार को सौंपा जाएगा ज्ञापन: तय रणनीति के अनुसार सोमवार को विधायक परगट सिंह की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल कैंटोनमेंट बोर्ड के अधिकारियों से मिलेगा और ज्ञापन सौंपेगा।
आगे के आंदोलन का फैसला: सोमवार को ज्ञापन देने के बाद प्रशासन और सेना के रुख को देखते हुए आगे के कड़े कदमों की घोषणा की जाएगी।
बैठक के दौरान छावनी निवासियों में अपनी रोजी-रोटी को बचाने के लिए जबरदस्त एकजुटता और उत्साह देखने को मिला।

