छावनी में चौराहे बने कूड़ेदान, लोग सड़कों पर फेंक रहे कूड़ा

जालंधर छावनी:- हाल ही में जालंधर छावनी बोर्ड ने लोगो द्वारा कूड़ा सड़कों, चौराहों पर फेंकने वालों सीसीटीवी से फुटेज निकाल कर चालान काटने का ऐलान किया था जिसकी प्रक्रिया छावनी बोर्ड द्वारा सीसीटीवी कैमरे लगवाने के बाद शुरू होनी थी परन्तु जालंधर छावनी बोर्ड की सुस्ती के कारण न तो अभी तक सीसीटीवी कैमरे लगते नजर आ रहे है ओर न ही अभी तक प्रक्रिया को अमलीजामा पहनाया गया है। ऐसा लगता है जैसे बोर्ड गहरी नींद में चला गया हो।

बोर्ड द्वारा चौक चौराहों पर कूड़ा फेंकने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई न होने के कारण लोग रात के समय घर का कूड़ा ला कर सड़कों के किनारे फेंक जाते है जिसमें मोमी लिफाफे भी होते है जिसे आवारा घूम रहे पशु खा लेते है और बीमार पड़ जाते है। आवारा कुत्ते भी कूड़े में फेंके गए बच्चों के डाइपर एवं सेनेटरी पैड अपने मुंह में डाल कर इधर उधर फेंक देते है जिससे कूड़ा फैल जाता है।

वैसे तो जालंधर छावनी बोर्ड ने अखबारों में दिए विज्ञापनों द्वारा लोगों को ऐसा करने एवं जागरूक करने की भी कई बार कोशिश की है परंतु यहां के लोग शायद कुछ ज्यादा ही जिद्दी किस्म के दिखाई पड़ते है जिन्हें सख्त कार्रवाई अथवा भारी जुर्माने के बाद ही समझ आएगा। ऐसा लगता है कि लोग अपने घर को ही स्वच्छ रखना चाहते है परंतु अपनी गली, चौक चौराहों को नहीं बल्कि लोग ये भूल जाते है कि वह जब बाहर से घर आते है तो उन्हें वहीं रस्ते से गुजरते हुए बदबू अथवा कचरे का सामना करते हुए घर आना पड़ता है।

अगर माने तो एक सच ये भी है कि लोग अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा तो देना चाहते परंतु वह खुद अपने शिक्षित होने से परहेज करते है। लोगो को अपने घर की सफाई करना तो पसंद है परंतु दूसरों के घर अथवा चौराहों पर कचरा डालना इन्हें अनिवार्य लगता है।

अबतक न्यूजलाइन छावनी निवासियों से अपील करता है कि जिस तरह आप अपने घर को साफ सुथरा रखते है ठीक उसी प्रकार छावनी को भी साफ सुथरा रखने में आगे आए ये काम मात्र प्रशासन का नहीं बल्कि आप लोगों का भी है इसलिए छावनी को साफ सुथरा रखने के लिए सहयोग करे।